Tuesday, 15 February 2011

नववर्ष की शुभकामनाएँ और वार्षिक ब्लॉग समीक्षा .... और भक्ति


नववर्ष की शुभकामनाएं मित्रों ...काफी देर से दे रहा  हूँ ...लेकिन एक बात बताऊँ ......सच्ची  शुभकामनाएं एक दम सदाबहार फूलों जैसी होती है...... हमेशा महकने वाली ..... अनंत काल तक
{ये लेख बहुत पहले  शेड्यूल  किया था}
 थोडा वक्त था....तो मैंने सोचा .... क्यों ना अपने ही ब्लॉग का थोडा ओवर व्यू ले लिया जाए ? :)

इस ब्लॉग पर हमें पिछले वर्ष जीवन के लिए  फंडे तलाशने की कोशिश की  [नीचे दिए लेख लेख प्रकाशन   के समय के अनुसार जमें हुए हैं ]

01 सबसे पहले थोडा जीवन दर्शन
रेलवे स्टेशन और जीवन की घटनाओं में कितनी  समानताएं होती है सोचा है कभी  ? :)
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/04/blog-post_04.html

02 फिर थोडा एंगल बदल के सोचते हैं सारथि और साइकोजिस्ट
कार्तिक प्लीज काल श्री कृष्ण
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/03/blog-post_13.html

03  लघुकथा.......
अबे ओये मैं वापिछ आ दया
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/06/blog-post_07.html

04 थोडा टोलीवुड चलते हैं
फिल्म समीक्षा : मेगाधीरा [चुने हुए दृश्यों के साथ ]
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/08/blog-post_29.html

05 कमोड चर्चा बचाए बीमारियों का खर्चा
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/09/blog-post_19.html
कमोड सिर्फ बीमार और वृद्दों के लिए मददगार है तो साथ ही बच्चों के लिए बीमारी और वृदावस्था को बुलावा तो नहीं ?

06 कोई भी जोक सुनने सुनाने से पहले ये ध्यान में रखें
वो नहीं कहते तो क्या हुआ 
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/10/blog-post_03.html

07 सीता माँ की बेटियों को आवाज जरूर सुने ...
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/09/blog-post_26.html

08  "इन्सल्ट" से ना भूलें "इंसानियत" इसका "इलाज" आज करते हैं "इजाद" "इतिहास" को लेकर साथ
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/10/blog-post_10.html


09
शाकाहार या मांसाहार ........ वैज्ञानिक रिपोर्ट .......[कमेन्ट जरूर पढ़ें]
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/11/veg-vs-non-veg.html

10 नाक छिदवाना क्या जरूरी है ? एक वैज्ञानिक पड़ताल
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/11/blog-post_25.html

11 पुनर्जन्म होता है क्या ? ..... एक वैज्ञानिक पड़ताल
http://my2010ideas.blogspot.com/2010/12/scientific-evidence-reincarnation.html

तो मित्रों जिस तरह बचपन में जो मेथ्स पढ़ते हैं वो आजीवन काम आती है उसी तरह लाइफ के फंडे आजीवन साथ रहते हैं, मन धोखा दे सकता है, मस्तिष्क गलत निर्णय ले सकता है  पर फंडा हमेशा साथ दे सकता है

आस्तिक मित्र फंडे का अर्थ संस्कार से लें .
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अच्छा .....अब थोडा भक्ति रस   .......
राम का नाम झूम कर लो , नाच कर लो पर लो तो सही
मस्ती टाइम में .......


http://www.youtube.com/watch?v=yEVrlgfYjDA&feature=player_embedded
हे दीन बन्धु हे करुणा सिन्धु ........
http://www.youtube.com/watch?v=-I7Kgt88PSY&feature=player_embedded

भक्ति ही उत्साह है .... उत्सव है ..ऊर्जा है

http://www.youtube.com/watch?feature=player_embedded&v=uR3Tb5eGvrg

शांति के लिए ः राम और राम नाम के महत्व को हजारों बार प्रमाणित किया जा चुका है, लेकिन मूढ़ बुद्धि ‘रहस्य’ को नहीं मानती। कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनको सुनने या कहने से हमारे दिमाग में उत्तेजना, निराशा, क्रोध या अन्य तरह के नकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं। लेकिन कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनको सुनने मात्र से मन शांत और निश्चल हो जाता है। यह सभी जानते हैं कि अच्छा संगीत हमारे शरीर, मन और मस्तिष्क सभी को स्वस्थ और प्रसन्न रखने की ताकत रखता है।
http://www.virarjun.com/DisplayNews.aspx?newsid=10310&news=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%20%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%AD%E0%A5%80%20%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%20%E0%A4%B9%E0%A5%88

my culture ...

http://www.youtube.com/watch?feature=player_embedded&v=J3cl-oZ_UW8

हमारे देश के युवा भी एक दिन भारत के दिए इन यूनिवर्सल फंडों को जरूर समझेंगे एक दिन और जो सिर्फ जबानी जमाखर्च कर रहे हैं वे पालन भी करेंगे  .......यही उम्मीद है यही विश्वास है .

6 comments:

Global Agrawal said...

comment testing

Anonymous said...

comment

global said...

now comment facility is working .. sorry for inconvenience :)

अमित शर्मा said...

भैयाजी ! कुछ विचारिये तो !!!!!! अब फिर से इस ब्लॉग को दौड़ में शामिल होने में कितना समय जाया हो जाएगा ??? इससे बढ़िया तो यह होता की आप पुराने ब्लॉग का ही नाम पलटते या फिर उसी ब्लॉग का एक स्थाई डोमेन लेकर पुराने ब्लॉग को रिडायरेक्ट करते. ब्लॉग से दूर रहने के कारण पहले ही तारतम्यता टूट रही है, फिर नए ब्लॉग को किस तरह से ................... कुछ नहीं यार समझ में नहीं आ रहा मेरे को.............. आप जैसा ठीक समझें .
पर इस ब्लॉग का फोलोवर भी नहीं बन पा रहा हूँ . कोई सेटिंग प्रोब्लम तो नहीं है कहीं ?

Global Agrawal said...

@अमित भाई
आपने बिलकुल ठीक कहा

VICHAAR SHOONYA said...

amij ji ki baat se main bhi sahmat hun.